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Class 9 · Hindi · 10 Aug 2026
कबीर की साखियों में 'विरह' और 'ज्ञान' की अभिव्यक्ति के संदर्भ में उनकी आलोचनात्मक दृष्टि का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
[1 mark]कबीर ग्रन्थवली के पदों और उनकी विशेषताओं को सुमेलित कीजिए।
[2 marks]| Column A | Column B |
|---|---|
| 1. साखी | a. गुरु महिमा और ज्ञान का उपदेश देने वाले दोहे |
| 2. सबद | b. गेय पद जिनमें संगीतात्मकता और रहस्यवाद है |
| 3. रमैनी | c. चौपाइयों में रचित दार्शनिक और वैचारिक रचनाएं |
| 4. बीजक | d. कबीर की वाणियों का समग्र प्रमाणित संकलन |
Answer: __________________________________________
अपराजेय व्यक्ति अपनी विफलताओं को अंत नहीं, बल्कि _____ का एक माध्यम मानता है और चुनौतियों का _____ करता है।
[2 marks]विवराणात्मक कहानी की परिभाषा एक वाक्य में दीजिए।
[1 mark]कबीर दास जी ने समाज में फैले किन बाह्य आडंबरों और रूढ़ियों का कड़ा विरोध किया? संक्षेप में लिखिए।
[2 marks]भारतीय इतिहास या लोककथाओं के किसी उदाहरण का उपयोग करते हुए समझाएं कि 'अपराजेयता' केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक स्थिति है।
[4 marks]वाराणसी (काशी) के एक विद्यालय में छात्र कबीर की साखियों पर एक परियोजना बना रहे हैं। यदि एक छात्र ने 120 साखियों के कुल संग्रह में से 40% साखियां गुरु महिमा पर, 25% साखियां प्रेम और भक्ति पर और शेष साखियां आचार-विचार पर संकलित कीं, तो आचार-विचार पर आधारित साखियों की संख्या ज्ञात कीजिए।
[3 marks]