Class 9 · Hindi · 10 Aug 2026

Max marks: 15
Grade Class 9 · Hindi · 7 questions
Name Class Date

1.
कबीर की साखियों में 'विरह' और 'ज्ञान' की अभिव्यक्ति के संदर्भ में उनकी आलोचनात्मक दृष्टि का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
[1 mark]
(a)  केवल धार्मिक अनुศาสनों का मंडन करना
(b)  समाज में व्याप्त बाहरी पाखंडों और रूढ़ियों का तार्किक खंडन करना
(c)  राजकीय नीतियों की प्रशंसा करना
(d)  प्राचीन संस्कृत ग्रंथों का केवल हिंदी अनुवाद करना
2.
कबीर ग्रन्थवली के पदों और उनकी विशेषताओं को सुमेलित कीजिए।
[2 marks]
Column AColumn B
1. साखी a. गुरु महिमा और ज्ञान का उपदेश देने वाले दोहे
2. सबद b. गेय पद जिनमें संगीतात्मकता और रहस्यवाद है
3. रमैनी c. चौपाइयों में रचित दार्शनिक और वैचारिक रचनाएं
4. बीजक d. कबीर की वाणियों का समग्र प्रमाणित संकलन
Answer
3.
अपराजेय व्यक्ति अपनी विफलताओं को अंत नहीं, बल्कि _____ का एक माध्यम मानता है और चुनौतियों का _____ करता है।
[2 marks]
4.
विवराणात्मक कहानी की परिभाषा एक वाक्य में दीजिए।
[1 mark]
5.
कबीर दास जी ने समाज में फैले किन बाह्य आडंबरों और रूढ़ियों का कड़ा विरोध किया? संक्षेप में लिखिए।
[2 marks]
6.
भारतीय इतिहास या लोककथाओं के किसी उदाहरण का उपयोग करते हुए समझाएं कि 'अपराजेयता' केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक स्थिति है।
[4 marks]
7.
वाराणसी (काशी) के एक विद्यालय में छात्र कबीर की साखियों पर एक परियोजना बना रहे हैं। यदि एक छात्र ने 120 साखियों के कुल संग्रह में से 40% साखियां गुरु महिमा पर, 25% साखियां प्रेम और भक्ति पर और शेष साखियां आचार-विचार पर संकलित कीं, तो आचार-विचार पर आधारित साखियों की संख्या ज्ञात कीजिए।
[3 marks]